हम दिल के बदले दिल देते है
हमसा कोई आशिक इस जहां में नहीं
क्योंकि हम आशिक है सौदागर नहीं |
जो मान जाता ये तो दिल नहीं कहते
जो नहीं टूटता ये तो शीशा नहीं कहते
हमे तो पता ही नहीं था कि दर्द क्या है
जो पता होता ये तो मोहब्बत नहीं करते |
बीती रात उनका खाव्ब भी आया
सुबह हुई तो उनका ख्याल भी आया
लेना चाहा जब लबों पे खुदा का नाम
तो खुदा से पहले उनका नाम आया |
होता आसान भुलाना अगर प्यार को
तो रिन्दों को मयखाना याद नहीं होता
जो जुदा कर पाते जिस्म से रूह को
तो साहिल लहरों का मुकद्दर नहीं होता |
जाने से पहले अलविदा कहना है
एक हाँ का उनसे इंतज़ार कहना है
अगर न होती साँसों की बंदिशे कभी
तो ख़त्म न होती मेरी इन्तहा कभी |
उसके गम को भुलाने गए थे मयखाने में
हमने छेड़े उनके फ़साने मयखाने में
हर शराब थी उनके नाम की मयखाने में
कौन कहता है की शराब हर मर्ज़ की दावा है |
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