Wednesday, May 25, 2011

पहली बारिश और तुम


वो काले बादलों का घिर आना
वो सर्द हवा का चलना
वो बूदों के गिरने की आवाज़
वो बीता वक़्त और तुम्हारा साथ
पहली बारिश और तुम |

वो एक छाते में चलना
वो पानी में छप-छप करना
वो हवा से छाते का उड़ जाना
वो तुम्हारा छाते के पीछे भागना
पहली बारिश और तुम |

वो बिजली का कडकडाना
वो तुम्हारा डर जाना
वो मेरा तुम पर हँसना
वो तुम्हारा मुझसे रूठ जाना
पहली बारिश और तुम |

वो बूदों को समेटना
वो तुमपर छिड़क देना
वो तुम्हारा गुस्सा हो जाना
वो मेरा तुम्हे मनाना
पहली बारिश और तुम |

वो तेरा साथ साथ चलना
वो तेरे साथ भीगना
वो तेरा फिसल कर गिर जाना
वो मेरा तुम्हे उठाना
पहली बारिश और तुम |

वो तुम्हारा बारिस में खेलना
वो तुम्हारा ज़ुल्फ़ से पानी झटकना
वो मेरा तुम्हे गौर से देखना
वो तेरा शर्म से नज़रे चुराना
पहली बारिश और तुम |

वो तेरे चेहरे से पानी टपकना
वो मोतियों का बरसना
वो तेरा धीरे से गुनगुनाना
वो मेरा मंद-मंद मुस्काना
पहली बारिश और तुम |

वो पानी का ठहर जाना
वो कागज़ की नाव चलाना
वो मिटटी से खुशबू उठना
वो दिल का मचल जाना
पहली बारिश और तुम |

बारिस की हर बूद के साथ
याद आता है तेरा साथ
तेरी यादें दिल को छू जाती है
तेरी तस्वीर आँखों में उभर आती है
पहली बारिश और तुम |

- ध्रुव कुमार शाक्यवार

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