जो मिल जाय कभी फुर्सत तो पास आओ किसी दिन
मिलता है सभी को सभी कुछ यहाँ किसी दिन
मुझ को तो सिर्फ़ तुम मिल जाओ किसी दिन |
बरसों से मेरा यह दिल खाली है
तुम आ जाओ इसमें किसी दिन
बरसों से तुमसे मोहब्बत की है
मुझको अपनी मोह्हबत दिखाओ किसी दिन
मेरे मुक़द्दर मैं जो लिखा है उसे मिटाना है
तकदीर मेरी तुम लिख जाओ किसी दिन |
- ध्रुव कुमार शाक्यवार
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